फरीदाबाद | शेयर मार्केट के नाम पर ठगी : 34.05 लाख की धोखाधड़ी में आरोपी गिरफ्तार

धर्मेंद्र यादव
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फरीदाबाद

साइबर थाना एनआईटी की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया आरोपी।
साइबर थाना एनआईटी की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया आरोपी।

फरीदाबाद में साइबर अपराध का बड़ा मामला सामने आया है, जहां शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 34,05,000 रुपये की ठगी की गई। साइबर थाना एनआईटी की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार ग्रीन फील्ड कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़ित ने बताया कि 17 अगस्त 2025 को फेसबुक पर स्टॉक मार्केट से जुड़ा एक मास्टर क्लास का विज्ञापन देखा, जिसके बाद वह एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गया। वहां उसे निवेश करने और ज्यादा मुनाफे का लालच दिया गया।

लालच देकर ऐंठे 34 लाख रुपये
ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग माध्यमों से कुल 34,05,000 रुपये निवेश कर दिए। हालांकि, निवेश के बाद उसे कोई लाभ नहीं मिला और पूरी राशि ठगी का शिकार हो गई। शिकायत के आधार पर साइबर थाना एनआईटी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

कानपुर निवासी आरोपी गिरफ्तार
09 अप्रैल को कार्रवाई करते हुए साइबर थाना एनआईटी की टीम ने आरोपी सुरज जयसवाल (30), निवासी कानपुर, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ठगी में इस्तेमाल किए गए ईमेल और मोबाइल नंबर अपने फोन में चला रहा था।

APK फाइल के जरिए ठगों को देता था एक्सेस
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने मोबाइल फोन में एपीके फाइल डाउनलोड कर ठगों को फोन का एक्सेस देता था, जिससे साइबर अपराध को अंजाम दिया जाता था। आरोपी बी.ए. पास है और फिलहाल उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और लोगों को भी ऐसे लालच से बचने की सलाह दी जा रही है।

हिसार – 11 साल बाद रामपाल जेल से रिहा : हाईकोर्ट से जमानत के बाद कड़ी सुरक्षा में निकला काफिला

हरविन्द्र यादव
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सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को करीब 11 साल 4 महीने 24 दिन बाद हिसार की सेंट्रल जेल-2 से रिहा कर दिया गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के दो दिन बाद शुक्रवार को उसकी रिहाई हुई। हाईकोर्ट से जमानत के बाद खुला रास्ता 8 अप्रैल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल को नियमित जमानत दी थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह उनके वकीलों ने हत्या के दो मामलों में 5-5 लाख रुपये के बेल बॉन्ड जमा कराए, जिसके बाद रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से निकला रामपाल की रिहाई के दौरान पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं। संभावित भीड़ को देखते हुए जगह-जगह नाके लगाकर यातायात नियंत्रित किया गया। दोपहर के समय रामपाल सफेद पर्दों वाली फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार होकर जेल से निकला। सीधे सोनीपत आश्रम के लिए रवाना रिहाई के बाद रामपाल हिसार से सीधे सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के धनाना स्थित सतलोक आश्रम के लिए रवाना हुआ। उसके काफिले में फॉर्च्यूनर और डिफेंडर सहित करीब 20 गाड़ियां शामिल रहीं, जबकि हरियाणा पुलिस की एक गाड़ी एस्कॉर्ट कर रही थी। समर्थकों की भीड़ की आशंका धनाना गांव में रामपाल के समर्थकों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। जानकारी के अनुसार समर्थक गांव से करीब एक किलोमीटर पहले ही उसका स्वागत करने की तैयारी में थे। 2014 में हुआ था बड़ा टकराव नवंबर 2014 में बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस और रामपाल समर्थकों के बीच बड़ा टकराव हुआ था। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद रामपाल को गिरफ्तार किया गया था और 2018 में हिसार कोर्ट ने उसे हत्या सहित अन्य मामलों में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जमानत के पीछे ये रही दलीलें सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने जमानत का विरोध किया, जबकि बचाव पक्ष ने रामपाल के लंबे समय से जेल में होने, ट्रायल की धीमी गति और उम्र (करीब 78 वर्ष) का हवाला दिया। हाईकोर्ट ने माना कि मामले का ट्रायल अभी लंबा चल सकता है और अन्य आरोपियों को भी जमानत मिल चुकी है, जिसके आधार पर रामपाल को राहत दी गई। जमानत पर सख्त शर्तें लागू हाईकोर्ट ने जमानत देते समय स्पष्ट किया कि रामपाल किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठा नहीं करेगा और न ही ऐसी गतिविधियों में शामिल होगा। शर्तों के उल्लंघन पर राज्य सरकार जमानत रद्द करवा सकती है। जेल प्रशासन ने पूरी की औपचारिकताएं सेंट्रल जेल-2 के अधीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट की सभी शर्तों को पढ़कर सुनाया गया और दस्तावेजों का मिलान करने के बाद अदालत के आदेश पर रिहाई की गई।
सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को करीब 11 साल 4 महीने 24 दिन बाद हिसार की सेंट्रल जेल-2 से रिहा कर दिया गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के दो दिन बाद शुक्रवार को उसकी रिहाई हुई। हाईकोर्ट से जमानत के बाद खुला रास्ता 8 अप्रैल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल को नियमित जमानत दी थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह उनके वकीलों ने हत्या के दो मामलों में 5-5 लाख रुपये के बेल बॉन्ड जमा कराए, जिसके बाद रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से निकला रामपाल की रिहाई के दौरान पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं। संभावित भीड़ को देखते हुए जगह-जगह नाके लगाकर यातायात नियंत्रित किया गया। दोपहर के समय रामपाल सफेद पर्दों वाली फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार होकर जेल से निकला। सीधे सोनीपत आश्रम के लिए रवाना रिहाई के बाद रामपाल हिसार से सीधे सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के धनाना स्थित सतलोक आश्रम के लिए रवाना हुआ। उसके काफिले में फॉर्च्यूनर और डिफेंडर सहित करीब 20 गाड़ियां शामिल रहीं, जबकि हरियाणा पुलिस की एक गाड़ी एस्कॉर्ट कर रही थी। समर्थकों की भीड़ की आशंका धनाना गांव में रामपाल के समर्थकों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। जानकारी के अनुसार समर्थक गांव से करीब एक किलोमीटर पहले ही उसका स्वागत करने की तैयारी में थे। 2014 में हुआ था बड़ा टकराव नवंबर 2014 में बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस और रामपाल समर्थकों के बीच बड़ा टकराव हुआ था। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद रामपाल को गिरफ्तार किया गया था और 2018 में हिसार कोर्ट ने उसे हत्या सहित अन्य मामलों में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जमानत के पीछे ये रही दलीलें सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने जमानत का विरोध किया, जबकि बचाव पक्ष ने रामपाल के लंबे समय से जेल में होने, ट्रायल की धीमी गति और उम्र (करीब 78 वर्ष) का हवाला दिया। हाईकोर्ट ने माना कि मामले का ट्रायल अभी लंबा चल सकता है और अन्य आरोपियों को भी जमानत मिल चुकी है, जिसके आधार पर रामपाल को राहत दी गई। जमानत पर सख्त शर्तें लागू हाईकोर्ट ने जमानत देते समय स्पष्ट किया कि रामपाल किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठा नहीं करेगा और न ही ऐसी गतिविधियों में शामिल होगा। शर्तों के उल्लंघन पर राज्य सरकार जमानत रद्द करवा सकती है। जेल प्रशासन ने पूरी की औपचारिकताएं सेंट्रल जेल-2 के अधीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट की सभी शर्तों को पढ़कर सुनाया गया और दस्तावेजों का मिलान करने के बाद अदालत के आदेश पर रिहाई की गई।
सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को करीब 11 साल 4 महीने 24 दिन बाद हिसार की सेंट्रल जेल-2 से रिहा कर दिया गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के दो दिन बाद शुक्रवार को उसकी रिहाई हुई। हाईकोर्ट से जमानत के बाद खुला रास्...
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गुरुग्राम | तेज रफ्तार वाहन का कहर : पाइप हटाते समय चालक को कुचला, मौत

GZN डेस्क
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गुरुग्राम में तेज रफ्तार वाहन ने एक व्यक्ति की जान ले ली। पालम विहार थाना क्षेत्र में सड़क पर पड़े पाइप को हटाने के दौरान एक चालक को तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया, जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सड़क से पाइप हटाते समय हुआ हादसापुलिस के अनुसार न्...
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अटेली – गुजरवास में प्रतिभा सम्मान समारोह : निपुण परीक्षा में अव्वल छात्रों को गोल्ड मेडल

जितेंद्र सोलंकी
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गुजरवास में निपुण परीक्षा में सफल छात्रों को मेडल पहनाकर सम्मानित करते अतिथि।
गुजरवास में निपुण परीक्षा में सफल छात्रों को मेडल पहनाकर सम्मानित करते अतिथि।
अटेली क्षेत्र के गांव गुजरवास में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ग्राम पंचायत के सौजन्य से प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में निपुण परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।...
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